ठाकुर संग्रामसिंह ‘राष्ट्रवर’ द्वारा श्रीराम के जीवन पर रचित अनूठे महाकाव्य “दाशरथि” का लोकार्पण
आसान नहीं है, पूर्वजों के अधूरे कार्यों को 45-50 वर्षों उपरांत नई पीढ़ी में कोई ऐसा संस्कारी जन्मे जो उन कार्यों की महत्ता को समझे और उसे आगे बढ़ाने में जी-जान लगा के पूरा करें। राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट में एक वर्ष के अंतराल में चित्रकला विषय में मुझसे एक वर्ष पूर्व अपना डिप्लोमा पूर्ण … Read more