AI युग सिर्फ अपग्रेड नहीं, पूरी इकोनॉमी का रीसेट: जियो

मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में मैथ्यू ओमेन ने रखा ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ का विजन बार्सिलोना, 4 मार्च 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर टेलीकॉम सेक्टर के लिए सिर्फ टेक्नोलॉजी अपग्रेड नहीं, बल्कि इकोनॉमी और बिज़नेस मॉडल का रीसेट है। मैथ्यू ओमेन, ग्रुप सीईओ, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) बार्सिलोना में कहा कि दुनिया अब “मिनट्स … Read more

रिलायंस फाउंडेशन की पहल को IOC की सराहना, ओलंपिक मूल्यों से जुड़ रहे भारत के लाखों बच्चे

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रकाशित लेख में भारत का उदाहरण प्रमुखता से शामिल • 65 हजार से अधिक भारतीय स्कूलों में पहुंचा ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम • आंगनवाड़ी नेटवर्क के जरिए महिलाओं की नेतृत्व भूमिका उभरकर सामने आई नई दिल्ली, 7 मार्च, 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने अपनी … Read more

अजमेर मंडल पर महिला दिवस के उपलक्ष मे महिला खेल व मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन

उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन अजमेर मंडल द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष मे दिनांक 06.03.2026 को अध्यक्षा महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल श्रीमती रिंकल भूतड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में मंडल कार्यालय के समीप स्थित जी एल ओ स्पोर्ट्स ग्राउंड मे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान खेल प्रतियोगिता व संगीत जैसे … Read more

गलती होने पर कान क्यों पकड़े जाते हैं?

गलती मनुष्य की स्वाभाविक प्रकृति है, किंतु गलती स्वीकार करना और उससे सीखना सभ्य समाज की पहचान मानी जाती है। भारतीय सामाजिक परंपरा में गलती होने पर कान पकड़ना केवल एक दंडात्मक क्रिया नहीं, बल्कि गहरे सांस्कृतिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक अर्थों से जुड़ा हुआ प्रतीक है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और … Read more

आज का राशिफल व पंचांग : 8 मार्च 2026, रविवार

आज और कल का दिन खास 08 मार्च 2026 : रंग पंचमी आज। 08 मार्च 2026 : श्री पंचमी आज। 08 मार्च 2026 : विश्व महिला दिवस आज। 09 मार्च 2026 : एकनाथ षष्ठी कल। 09 मार्च 2026 : श्री वचनबद्ध जयंती कल। आज का राशिफल ***************** 08 मार्च 2026, रविवार ================= मेष : पुराने … Read more

महिलाओं की भागीदारी से ही सशक्त होगा राष्ट्र (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च पर विशेष आलेख)

हम विश्व में लगातार कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते आ रहे हैं, महिलाओं के सम्मान के लिए घोषित इस दिन का उद्देश्य सिर्फ महिलाओं के प्रति श्रद्धा और सम्मान बताना है। इसलिए इस दिन को महिलाओं के आध्यात्मिक, शैक्षिक, आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। नारी मानव जाति के लिए जननी का रूप है। कहा जाए तो जननी ही नारी है और नारी ही जननी है। नारी शक्ति या मातृशक्ति का इस संसार को आगे बढ़ाने में अहम् योगदान है। बिना नारी के इस दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती। अगर नारी नहीं होगी तो इस संसार का विकास नहीं हो पायेगा। नारी ही एक पुरुष को जन्म देती है, तभी नारी की सहन करने की शक्ति यानी सहनशक्ति का अहसास होता है कि वह इस संसार में कितनी मजबूत शक्ति है। आज उसी ही मजबूत नारी शक्ति पर कुछ मानसिक रूप से विक्षिप्त पुरुषों (ऐसे पुरुष जो नारी शक्ति को अपने उपभोग की वस्तु समझते हैं) द्वारा बलात्कार जैसी घटनाएं होती हैं। ऐसे पुरुषों द्वारा नारी को शारीरिक शोषण द्वारा हमेशा लज्जित किया जाता है, यह चीज समस्त मानवजाति को शर्मसार करती है। कुछ पुरुषों के ऐसे कृत्यों द्वारा बाकी के साफ-सुथरी छवि के पुरुषों को भी शर्मसार होना पड़ता है। आज जरूरत है महिलाओं और छोटी छोटी बच्चियों के खिलाफ बलात्कार जैसी होनी वाली घटनाओं पर लगाम लगाई जाए। ये तभी हो सकता है जब बलात्कार जैसे कृत्यों के खिलाफ मानव जाति एकजुट होकर फैंसला ले और जो लोग दोषी पुरुषों का साथ देते हैं ऐसे लोगों का भी समाज पूर्ण रूप से बहिष्कार करे। इसके साथ ही आज जरूरत है कि बलात्कार जैसे कृत्यों के खिलाफ सरकारें एक कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान करें और बलात्कार जैसे मामलों की फास्टट्रैक कोर्ट द्वारा त्वरित कार्यवाही हो। जिससे कि दूसरे लोग भी ऐसे कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें। तभी मानव जाति और समाज के स्तर को उठाया जा सकता है। आज अपने समाज में नारी के स्तर को उठाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत है महिला सशक्तिकरण की। महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं की आध्यात्मिक, शैक्षिक, सामजिक, राजनैतिक और आर्थिक शक्ति में वृध्दि करना, बिना इसके महिला सशक्तिकरण असंभव है। आज हर महिला समाज में धार्मिक रूढ़ियों, पुराने नियम कानून में अपने आप को बंधा पाती है। पर अब वक्त है कि हर महिला तमाम रूढ़ियों से खुद को मुक्त करे। प्रकृति ने औरतों को खूबसूरती ही नहीं, दृढ़ता भी दी है। प्रजनन क्षमता भी सिर्फ उसी को हासिल है। भारतीय समाज में आज भी कन्या भ्रूण हत्या जैसे कृत्य दिन-रात किए जा रहे हैं। पर हर कन्या में एक मां दुर्गा छिपी होती है। यह हैरत की बात है कि दुर्गा की पूजा करने वाला इंसान दुर्गा की प्रतिरूप नवजात कन्या का गर्भ में वध कर देता है। इसमें बाप, परिवार के साथ समाज भी सहयोग देता हैं। आज जरूरत है कि देश में बच्चियों को हम वही आत्मविश्वास और हिम्मत दें जो लड़कों को देते हैं। इससे प्रकृति का संतुलन बना रहे। इसलिए जरूरी है कि इस धरती पर कन्या को भी बराबर का सम्मान मिले। साथ ही उसकी गरिमा भी बनी रहे। इसलिए अपने अंदर की शक्ति को जागृत करें और हर स्त्री में यह शक्ति जगाएं ताकि वह हर विकृत मानसिकता का सामना पूरे साहस और धीरज के साथ कर सके। एक नारी के बिना किसी भी व्यक्ति जीवन सृजित नहीं हो सकता है। जिस परिवार में महिला नहीं होती, वहां पुरुष न तो अच्छी तरह से जिम्मेदारी निभा पाते हैं और ना ही लंबे समय तक जीते हैं। वहीं जिन परिवारों में महिलाओं पर परिवार की जिम्मेदारी होती है, वहां महिलाएं हर चुनौती, हर जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाती है और परिवार खुशहाल रहता है। अगर मजबूती की बात की जाए तो महिलाएं पुरुषों से ज्यादा मजबूत होती हैं क्योंकि वो पुरुषों को जन्म देती हैं। भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त भारत के मौलिक के मौलिक अधिकारों के अंतर्गत सभी को अनुच्छेद 14-18 के अंतर्गत समानता का अधिकार दिया गया है। जो कि महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का अधिकार देता है। इसके अन्तर्गत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि राज्य के तहत होने वाली नियुक्तियों और रोजगार के संबंध में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। और संविधान द्वारा मौलिक अधिकारों के अन्तर्गत दिये गया समानता का अधिकार भारतीय राज्य को किसी के भी खिलाफ लिंग के आधार पर भेदभाव करने से रोकता है। देष में महिलाओं के उत्थान और सशक्तीकरण को देखते हुए हमारे संविधान को 1993 में संशोधित किया गया। 73वें संशोधन के जरिये संविधान में अनुच्छेद 243ए से 243ओ तक जोड़ा गया। इस संशोधन में इस बात की व्यवस्था की गई कि पंचायतों और नगरपालिकाओं में कुल सीटों की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी। इस संशोधन में इसकी भी व्यवस्था की गई कि पंचायतों और नगरपालिकाओं में कम से कम एक तिहाई चेयरपर्सन की सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित हों। पंचायती राज संस्थानों द्वारा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने में सकारात्मक कार्यवाही से महिलाओं के प्रतिनिधित्व में तेजी से वृद्धि हुई है। वास्तव में देखा जाए तो देशभर में पंचायतों में चुनी गई महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40 प्रतिशत हो गया है। कुछ राज्यों में पंचायतों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बिना प्रतिनिधित्व के महिलाओं का सशक्तिकरण असंभव है। जब तक महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाएगा तब तक हम महिलाओं के सशक्तिकरण की कल्पना नहीं कर सकते। नए संसद भवन में 20 सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन विधेयक लोकसभा में पास हुआ था। लोकसभा में पास होने के बाद 21 सितंबर 2023 को यह नारी शक्ति वंदन विधेयक राज्यसभा से भी पारित होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। आने वाले सालों में कानून के अमल में आने बाद लोकसभा और विधानसभा में बहुत कुछ बदल जाएगा। लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सबसे बडी कमी है कि इसके अन्तर्गत पिछडे और आदिवासी वर्ग की महिलाओं को अलग से कोटा नही दिया गया है। अगर इसके अन्तर्गत पिछड़े और आदिवासी वर्ग की महिलाओं को अलग से कोटा दिया जाता तो पिछडे और दबे कुचले वर्ग की महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी आने वाले सालों में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में बढ़ पाता। इसके लिये सरकार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसके अन्तर्गत पिछड़े और आदिवासी वर्ग की महिलाओं के लिये कोटे की व्यवस्था आने वाले समय में करनी चाहिये। कोई भी राष्ट्र महिलाओं के बिना शक्तिहीन है। क्योंकि राष्ट्र को हमेशा से महिलाओं से ही शक्ति मिलती है। किसी भी जीवंत और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। महिलाओं की राजनैतिक भागीदारी से लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होती है। आज जरूरत है कि समाज में महिलाओं को अज्ञानता, अशिक्षा, कूपमंडूकता, संकुचित विचारों और रूढ़िवादी भावनाओं के गर्त से निकालकर प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए उसे आधुनिक घटनाओं, ऐतिहासिक गरिमामयी जानकारी और जातीय क्रियाकलापों से अवगत कराने के लिए उसमे आर्थिक ,सामाजिक, शैक्षिक, राजनैतिक चेतना पैदा करने की। जिससे की नारी पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर समाज को आगे बढ़ाने में सहयोग कर सके। साथ-साथ आज जरूरत है कि समाज की जितनी भी रूढ़िवादी समस्याएं हैं हमें उनका समाधान खोजते हुए हठधर्मिता त्याग कर शैक्षिक, सामाजिक, सोहद पूर्ण, व्यावसायिक और राजनैतिक चेतना का मार्ग प्रशस्त करते हुए महिलाओं के सामाजिक उत्थान का संकल्प लेना चाहिये। क्योंकि हजारों मील की यात्रा भी एक पहले कदम से शुरू होती है। सही मायने में महिला दिवस तब सार्थक होगा जब असलियत में महिलाओं को वह सम्मान मिलेगा जिसकी वे हकदार हैं। इसके साथ ही समाज को संकल्प लेना चाहिए कि भारत में समरसता की बयार बहे, भारत के किसी घर में कन्या भ्रूण हत्या न हो और भारत की किसा भी बेटी को दहेज के नाम पर न जलाया जाये। विश्व के मानस पटल पर एक अखंड और प्रखर भारत की तस्वीर तभी प्रकट होगी जब हमारी मातृशक्ति अपने अधिकारों और शक्ति को पहचान कर अपनी गरिमा और गौरव का परिचय देगी और राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रमुख भूमिका निभाएंगी। लेखक – डॉ. ब्रह्मानंद राजपूत (Brahmanand Rajput) on twitter @33908rajput on facebook – facebook.com/rajputbrahmanand Mail Id – [email protected]

डीएसपी म्यूचुअल फंड सर्वेक्षण – अधिकांश महिलाएं अब स्वतंत्र निवेश निर्णय लेती हैं

मुंबई, मार्च, 2026: डीएसपी म्यूचुअल फ़ंड ने YouGov के साथ पार्टनरशिप में डीएसपी विनवेस्टर पल्स 2025–26 जारी किया है, जो 13 शहरों में 5,050 शहरी निवेशकों का एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन है, जिसमें भारत के निवेश परिदृश्य में निर्णायक बदलावों के बारे में बात की गई है। महिलाएँ अपने वित्तीय निर्णयों की ज़िम्मेदारी का प्रभार तेज़ी-से ले रही हैं, यहाँ तक कि … Read more

एनएसडी रंगमंडल का चर्चित नाटक “माई री मैं का से कहूँ” की भावपूर्ण प्रस्तुति

स्त्री की इच्छा, भावनाओं, सामाजिक मर्यादाओं के बीच गहरे द्वंद्व को प्रस्तुत करता एनएसडी रंगमंडल का चर्चित नाटक “माई री मैं का से कहूँ” की भावपूर्ण प्रस्तुति अजमेर, 7 मार्च। जवाहर रंगमंच में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली की प्रतिष्ठित रिपर्टरी कंपनी द्वारा विजयदान देथा की प्रसिद्ध लोककथा श्पहेली पर आधारित नाटक माई री मैं … Read more

10 महिला कलाकारों को विश्व विख्यात स्व. अमृता शेरगिल पुरस्कार से सम्मानित किया

भीलवाड़ा –               स्थानीय आकृति कला संस्थान भीलवाड़ा एवं एलएनजे समूह के सहयोग से अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में ’डब्ल्यू-20’ महिला कलाकारों की विशाल कला प्रदर्शनी का शुभारंभ पद्मश्री जानकी लाल भाण्ड, पवन पंवार अध्यक्ष लायंस क्लब, रजनीश वर्मा, इकबाल हुसैन, कौशल्या राजानी के करकमलों से आज … Read more

राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी का स्वागत

अजमेर :राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम द्वारा नवपदस्थापित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक दर्शना शर्मा का माला पहनाकर स्वागत किया और उज्ज्वल भविष्य की कामना करी. इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष भगवत डांगी मीनाक्षी सिंह, लोकेंद्र शर्मा,जाकिर ख़ान, जितेंद्र सिंह, महावीर सिंह, अभय सिंह, अमित शर्मा, रामनारायण रावत, रंजीता कनोजिया, तनुजा करारिया, सुनीता शर्मा, अरुणा सैनी, सविता दारीवाल … Read more

महावीर इंटरनेशनल पद्मावती केंद्र सम्मानित

अजमेर। भगवंत यूनिवर्सिटी, अजमेर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महावीर इंटरनेशनल पद्मावती केंद्र के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर गजेंद्र पंचोली ने बताया कि पद्मावती केंद्र की चेयरपर्सन निक्की जैन, सचिव निकिता पंचोली, संरक्षक गुंजन माथुर, निदेशिका सुमन … Read more

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