बस्तर का टार्ज़न हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गया
-अब्दुल रशीद- छत्तीसगढ़ और बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले चेंदरू ज़हाने पानी से तो कूच कर गए लेकिन उनकी अमिट छाप को दुनियाँ शायद ही भुला पाए। महीने भर से बीमार चल रहे बस्तर के टार्जन कहे जाने वाले चेंदरू 13 अगस्त को पक्षाघात के बाद जगदलपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए … Read more