क्या अल्पसंख्यकों को मोदी एण्ड कम्पनी के जाल में फँसना चाहिये?
-राम पुनियानी- सन् 2002 के कत्लेआम के बाद, भारत, और विशेषकर गुजरात की राजनीति में एक नए सितारे का उदय हुआ-नरेन्द्र मोदी का। उनके प्रचार तन्त्र के अथक प्रयासों से उनकी छवि एक ऐसे नेता की बना दी गयी जो आर्थिक विकास का पुरोधा है, जिसे भ्रष्टाचार छू तक नहीं गया है और जो कड़े कदम उठाने से डरता नहीं … Read more