अप्राकृतिक नहीं है प्राकृतिक आपदा

–रोहित जोशी– बादल फटना, बाढ़ और भूस्खलन आदि अप्राकृतिक नहीं हैं, लेकिन जिस तरह इन प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोत्तरी हुई है वह सामान्य बात नहीं है। विरल मानी जाने वाली बादल फटने की घटनाएं, तबाही के वीभत्स मंजर के साथ इतनी आम हो चली हैं कि वजहों की छानबीन की ही जानी चाहिए। थोड़ी ही पड़ताल … Read more

तबाही के लिए शनिचर जिम्मेदार?

आपदा कोई दिन देख कर नहीं आती लेकिन राष्ट्रिय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और भारत सरकार के पूर्व गृह सचिव वी के दुग्गल साहब ने कहा है की उत्तराखण्ड की आपदा अधिक भयानक होने का कारण है की उस दिन शनिवार था। बताईये ये पढ़े लिखे और दुनिया की सबसे अच्छी सर्विसेज में से … Read more

विचारधारा के अभाव में अन्ना का पतन हो गया

-अमूल्य गांगुली- अन्ना हजारे की सक्रियता का बुखार उतर गया है। इसमें टिकने की शक्ति थी ही नहीं। इसका पता तो उसी समय लग गया था, जब आंदोलन का स्थान दिल्ली से बदलकर मुंबई कर दिया गया था। यह दिसंबर 2011 की घटना थी। उस समय अन्ना के आंदोलन में उतने लोग नहीं उमड़ रहे थे, … Read more

तिवाड़ी भी आएंगे वसुंधरा की शरण में?

इन दिनों राजस्थान में इस बात की जोरदार चर्चा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी भी अन्य दिग्गजों की तरह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे की शरण में आ जाएंगे। बताया जाता है कि वरिष्ठ नेता रामदास अग्रवाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद वसुंधरा व तिवाड़ी के बीच कायम … Read more

हिंदू धर्म का मोदी छाप हिंदुत्व से कोई नाता नहीं है

अहं ब्रह्मस्मि यानी अनहलहक! … नरेंद्र भाई मोदी को कुछ लोग हिंदुत्व का नवोन्मेषक मान कर चल रहे हैं। लेकिन इस हिंदुत्व का उस सहिष्णु हिंदू धर्म से कोई लेना देना नहीं है जिसकी कल्पना आदि शंकराचार्य ने अहं ब्रह्मस्मि या अनहलहक के रूप में की थी। अद्वैतवाद और वेदांत में समाहित हिंदू धर्म का … Read more

दीपक चौरसिया से घृणा करने वाले हे हजारों फेसबुकियों, सुनो…

-यशवंत सिंह- इन नादानों को पता नहीं कि आजकल के बाजारू दौर में आप जिससे सबसे ज्यादा घृणा करोगे वह उतना ही बड़ा सेलेब्रिटी बन जाएगा. यही कारण है कि ढेर सारे विरोध-बाधाओं के बावजूद दीपक चौरसिया न्यूज चैनलों के सेलेब्रिटी एंकर हैं. हालांकि इंडिया न्यूज जाने और दुर्घटनाग्रस्त होने (वैसे तो कहने वाले पहले से … Read more

देर आयद नीतीश

-राजेन्द्र राज- जिसकी संभावना कई दिनों से थी, रविवार को उस पर मुहर लग गई। बिहार में सात साल से सरकार चला रहे 17 साल पुराने दोस्तों की राहें अब जुदा हो गई। कल तक वे गलबहियां कर रहे थे। अब वे एक-दूसरे के गले पर छुरियां चलाएंगे। एक बार फिर साबित हो गया कि राजनीति … Read more

मोदी से पंगे का अंजाम बना गठबंधन का अंत

–संजीव पांडेय– आखिरकार 17 साल पुराना राजनीति का वैवाहिक संबंध टूट गया। इससे पहले नितिश कुमार ने कहा था दुआ देते है जीने की, दवा देते है मरने की। इस शायराना अंदाज को ब्ययान करते हुए नितिश जरूर उन दिनों को याद कर रहे होंगे जब भाजपा के ही एलके आडवाणी और अरूण जेतली के कहने … Read more

तो संघ अब खुली राजनीति करने पर आ गया

– पुण्य प्रसून बाजपेयी- चुनाव की चुनौती, विजय का संकल्प और नरेन्द्र मोदी की नियुक्ति। 2014 के लिये नरेन्द्र मोदी को प्रचार अभियान समिति का चेयरमैन घोषित हुये राजनाथ सिंह ने यही तीन लकीर खींची। लेकिन इस ऐलान के 24 घंटे पूरे होने से पहले ही लालकृष्ण आडवाणी ने चुनौती और संकल्प का मिजाज उठाकर राजनाथ सिंह … Read more

मोदी को चर्चा में बनाये रखने की तरकीब

–वीरेन्द्र जैन- बदनाम भी होंगे तो क्या नाम न होगा? लोकप्रियतावाद के शिकार लोकतंत्र में भाजपा इसी सिद्धांत से काम करती है इसलिए हर तरह की लोकप्रियता को भुनाने के लिए विख्यात और कुख्यात दोनों तरह के चर्चित लोगों के सहारे वोटों के फल झड़ाने का जतन करती है। शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना, दीपिका चिखलिया, दारा … Read more

आडवाणी की वे चार मांगें जिन्हें मानने को मजबूर हुआ संघ

–समीर चौगांवकर, नागपुर– आखिरकार आडवाणी ने वह आश्वासन हासिल कर लिया जिसे हासिल करने के लिए वे पिछले चार दिनों से स्वनिष्कान पर चले गये थे। मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब यह घोषणा की कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन राव भागवत से बातचीत के बाद आडवाणी जी मान … Read more

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